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अगर आप आर्थिक रूप से परेशान रहते है अनाश्वयक व्यवसाय के कारण हर महीने आपका बजट बिगड़ रहा है तो करे ये उपाय




गुरुवार को भगवान बृहस्पति जी की पूजा का विधान है । बृहस्पति देवता को बुद्धि और शिक्षा का देवता माना जाता है । गुरूवार को बृहस्पति देव की पूजा करने से धन, विद्या, पुत्र तथा मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है । परिवार में सुख तथा शांति का समावेश होता है ।

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1:- रोजाना अपनों से बड़ों का आशीर्वाद लेना बहुत ही अच्छा माना जाता है लेकिन गुरुवार के दिन अपने माता -पिता एवं गुरु का आशीर्वाद लेने से वे आशीर्वाद गुरु ग्रह का आशीर्वाद माना जाता है। 

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2:- गुरुवार के दिन सूर्योदय होने से पहलें स्नान करें और फिर शुद्ध घी का दीप जलाकर भगवान विष्णु की पूजा और विष्णुसहस्रनाम का पाठ करें विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने वाले व्यक्ति को यश, सुख, ऐश्वर्य, संपन्नता, सफलता, आरोग्य एवं सौभाग्य प्राप्त होने के साथ उसकी मनोकामनाओं की पूर्ति होती है। 

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3:- पूजा के बाद मस्तक पर केसर का तिलक लगाए और अगर केसर हो तो हल्दी का तिलक भी लगा सकते है

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4:- गुरुवार को शाम के समय केले के वृक्ष के आगे दीप दान करके कोई कोई मिठाई चढ़ा कर अगर हो सकें तो बेसन की मिठाई को ही अर्पित करें और लोगों में बांट दें

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5:- गुरुवार के दिन पीले रंग के वस्त्र उपहार के तौर पर दें

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6:- गुरुवार के दिन लेन देन थोड़ा संभलकर करें और अगर कोई इस दिन धन मांगने आता है तो धन देने से आपका गुरु कमजोर हो जाता है जिससे आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता हैं।

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कहीं आप भी तो नही करते घर मे बने मंदिर मे यह गलतियाँ

सनातन धर्म में कहा गया है कि घर में मंदिर के होने से सकारात्मक ऊर्जा उस घर में बनी रहती है. आज बेशक हम विकसित होने की राह पर हैं किन्तु आज भी हिन्दू लोगों ने अपने संस्कार और संस्कृति का त्याग नहीं किया है. घर चाहे छोटा हो, या बड़ा, अपना हो या किराये का, लेकिन हर घर में मंदिर जरूर होता है सभी घरों में देवी-देवताओं के लिए एक अलग स्थान होता है। कुछ घरों में छोटे-छोटे मंदिर बनवाए जाते हैं। लेकिन हम जानकारी के अभाव में मंदिर में कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जो कि अशुभ होती है। आज मै राघव आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहा हूं, जो कि घर के मंदिरों में नहीं की जानी चाहिए।------------------------------------- घरकेमंदिरमेंसभीश्रीगणेशकीमूर्तियांतोरखतेहैं, लेकिनपूजाघरमेंकभीभीगणेशजीकी 3प्रतिमाएंनहींहोनाचाहिए।कहाजाताहैकिऐसाहोनेसहीनहींहोताहै।
-------------------------------------आपअपनेघरकेमंदिरमेंपूजाकरनेकेलिएशंखतोरखतेहीहोंगे, लेकिनकभीआपकेघरमेंदोशंखतोनहींहै।अगरमंदिरमेंदोशंखहैतोआपउनमेसेएकशंखहटादें। -------------------------------------घरकेमंदिरमेंज्यादाबड़ीमूर्तियांनहींरखनीचाहिए।बतायाजाताहैकियदिहम

चाणक्य की 10 नीतियां- आपके सुखी जीवन के लिए है जरुरी

जन्म
Ø ईसापूर्व 375पंजाब (आज से 2392 साल पहले)
मृत्यु
Ø ईसापूर्व 283पाटलिपुत्र (आज से 2300 साल पहले)
निवास
Ø  पाटलिपुत्र
अन्य नाम
Ø  कौटिल्य, विष्णुगुप्त
विद्यालय
Ø  तक्षशिला
व्यवसाय
Ø  चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री
उल्लेखनीयकाम
Ø  अर्थशास्त्र, चाणक्यनीति


आचार्य  चाणक्य  तक्षशिला  के  गुरुकुल  में  अर्थशास्त्र  के  आचार्य  थे।चाणक्य राजनीति  में  भी   काफी  पारंगत  थे।  इनके  पिता  का  नाम  आचार्य  चणीक  था , इसी  वजह  से  इन्हें  चणी  पुत्र  चाणक्य  भी  कहा जाता  है।  चाणक्य  ने  कूटनीतिज्ञ  तरीके से  सम्राट  सिकंदर  को भारत  छोड़ने  पर  मजबूर  कर  दिया  था  और  चंद्रगुप्त  को  अखंड  भारत  का  सम्राट  भी  बनाया।  आचार्य  चाणक्य  ने  श्रेष्ठ  जीवन  के  लिए  चाणक्य  नीति  ग्रंथ  रचा  था। इसमें  दी  गई  नीतियों  का  पालन  करने  पर  जीवन में  सफलताएं  प्राप्त  होती  हैं।  यहां  जानिए  चाणक्य  की 10 खास  नीतियां ...-------------------------------------1:- सेवक को तब परखे, जब बह काम नहीं कर रहा हो, रिश्तेदार को किसी कठिनाई में, मित्र को संकट में और पत्नी को घोर बिपति में परखना चाहिए I
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ये हैं श्मशान व तंत्र साधना से जुड़ी ये 5 बातें, क्या जानते हैं आप?

तंत्रक्रियाओंकानामसुनतेहीजहनमेंअचानकश्मशानकाचित्रउभरआताहै।जलतीचिताकेसामनेबैठातांत्रिक, अंधेरीरातऔरमीलोंतकफैलासन्नाटा।आखिरक्योंअधिकांशतंत्रक्रियाएंश्मशानमेंहीकीजातीहैं।यदिआपकेमनमेंभीये