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ये हैं श्मशान व तंत्र साधना से जुड़ी ये 5 बातें, क्या जानते हैं आप?

तंत्र क्रियाओं का नाम सुनते ही जहन में अचानक श्मशान का चित्र उभर आता है। जलती चिता के सामने बैठा तांत्रिक, अंधेरी रात और मीलों तक फैला सन्नाटा। आखिर क्यों अधिकांश तंत्र क्रियाएं श्मशान में ही की जाती हैं। यदि आपके मन में भी ये सारे सवाल हैं तो  और जानिए क्यों ये साधनाएं श्मशान में ही की जाती हैं।

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तंत्र क्रियाएं खास तरह के शमशानो में की जाती है ऐसे शमशान जिनके आस पास कोई नदी हो और कोई सिद्ध मंदिर हो तांत्रिक ऐसे शमशानो में साधना करना पसंद करते है जहा रोज शव जलाये जाते हो 

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शान नदी किनारे होना इसलिए जरुरी है क्योकि पानी सूजन का प्रतीक है पवित्र भी है और ब्रह्म भी मन जाता है 

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शान में नेगेटिव एनर्जी बहुत होती है इसके आस पास मंदिर होने से इस पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है 

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शमशान में पॉजिटिव व् नेगटिव दोनों शक्तिया होती है यहाँ तंत्र द्वारा नेगेटिव एनेर्जी को पॉजिटिव में बदला जा सकता है

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इस नेगिटिव एनर्जी को इन्ही दो कारणों (नदी व् मंदिर) से तांत्रिक पॉजिटिव में बदल देते है विशेष साधनाओ से ही ये संभव है 

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चाणक्य की 10 नीतियां- आपके सुखी जीवन के लिए है जरुरी

जन्म
Ø ईसापूर्व 375पंजाब (आज से 2392 साल पहले)
मृत्यु
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निवास
Ø  पाटलिपुत्र
अन्य नाम
Ø  कौटिल्य, विष्णुगुप्त
विद्यालय
Ø  तक्षशिला
व्यवसाय
Ø  चन्द्रगुप्त मौर्य के महामंत्री
उल्लेखनीयकाम
Ø  अर्थशास्त्र, चाणक्यनीति


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